देवभूमि लोक कला उद्गम चैरिटेबल ट्रस्ट और उत्तराखंडी समाज ऐरोली द्वारा जरुरतमंदों को व्हीलचेयर वितरण एवं माता की चौकी का भव्य आयोजन

 ऐरोली, नवी मुंबई:

दुर्गा पूजा महोत्सव 2024 के श्रीमद् देवी भागवत कथा महापुराण (अध्याय 3) की भव्य सफलता के उपलक्ष्य में देवभूमि लोक कला उद्गम चैरिटेबल ट्रस्ट और उत्तराखंडी समाज ऐरोली द्वारा रविवार, 8 दिसंबर 2024 को सप्तश्रृंगी माता मंदिर (सेक्टर-3, ऐरोली) में जरूरतमंदों को व्हीलचेयर प्रदान करने और माता की चौकी का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक था बल्कि समाजसेवा और एकजुटता का संदेश भी देता है। समाज के सभी वर्गों ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं

इस भव्य आयोजन में श्री गंगोत्री मित्र मंडल भजन मंडली (ऐरोली) और आदिशक्ति भजन मंडली (ऐरोली) ने भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति दी।


माता की चौकी के दौरान, समाजहित में उत्कृष्ट कार्य कर रही महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया गया। इसके साथ ही, सभी भक्तों के लिए महाप्रसाद और अल्पाहार की व्यवस्था की गई।


समाजसेवा और ट्रस्ट का योगदान

देवभूमि चैरिटेबल ट्रस्ट हर वर्ष दुर्गा पूजा महोत्सव के माध्यम से दिव्यांगों और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहायता, मुफ्त चिकित्सा शिविर, रक्तदान शिविर, महिला सशक्तिकरण शिविर, और सामाजिक-धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करता आया है।


कार्यक्रम की सफलता के लिए योगदानकर्ता और समिति सदस्य

इस आयोजन की सफलता के लिए ट्रस्ट और समाज के निम्नलिखित सदस्यों का विशेष योगदान रहा:

कमिटी सदस्य

  1. श्री दिवानसिंह रामसिंह सौंनजी (ट्रस्टी/संस्थापक)
  2. श्रीमती दीपा दिवान सौंनजी (ट्रस्टी)
  3. श्रीमती गायत्री राजेंद्र चिलवालजी (अध्यक्षा)
  4. श्री दिलवर रावतजी (कार्याध्यक्ष)
  5. श्रीमती सुनीता राजेंद्र जोशीजी (खजिनदार)
  6. श्री विक्रमसिंह रामसिंह सौंनजी (ट्रस्टी)
  7. श्रीमती दीपा मनोज भट्टजी (ट्रस्टी)
  8. श्रीमती अनुपमा राज पांडेजी (ट्रस्टी)
  9. श्रीमती नीलम विक्रम सौंनजी (ट्रस्टी)

सलाहकार एवं सहयोगी सदस्य
  • श्री महिशरण नीलकंठ पेंन्यूलीजी
  • श्री फकीरसिंह बिष्टजी
  • श्री पूरनसिंह सौंनजी
  • श्री मोहनसिंह कठायतजी
  • श्री सुरेश उपाध्यायजी
महिला मंडल का योगदान
  • गंगोत्री मित्र मंडल महिला भजन मंडली (ऐरोली)
  • आदिशक्ति भजन मंडली (ऐरोली)


कार्यक्रम में कुसुम अनिलसिंहजी और उनके परिवार सहित समस्त ऐरोली समाज ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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