महाराष्ट्र: बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ मुंबई में प्रदर्शन

 रविवार 8 November 2024 को मुंबई के घाटकोपर, ठाणे और वाशी (नवी मुंबई) में हिंदू समुदाय, नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ एक प्रदर्शन मार्च का आयोजन किया। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में हाल ही में सत्ता परिवर्तन के बाद अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर बढ़ते हमलों और अत्याचारों पर गहरी चिंता व्यक्त की। 


आर्यन प्रेम राणा, #VRIGHTPATH ग्रुप के संस्थापक (New tab ) ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप और समर्थन की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने भारतीय सरकार और वैश्विक संस्थानों से इन गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की अपील की। राणा ने भारत और दुनिया भर में हिंदू और अन्य समुदायों के सदस्यों से आग्रह किया कि वे ऐसे अमानवीय कृत्यों और अत्याचारों के खिलाफ एकजुट हों। उन्होंने अपने-अपने स्थानों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन मार्च आयोजित कर एक मजबूत और स्पष्ट संदेश देने की अपील की।

मोहम्मद यूनुस सरकार पर आरोप


प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश की नई सरकार, जो मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में है, पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया। आरोप है कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ चरमपंथी समूहों द्वारा हिंसा, हत्या, लूटपाट, आगजनी और महिलाओं व बच्चों पर अत्याचार किए जा रहे हैं। उन्होंने बांग्लादेश की सरकार और पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि वे मूक दर्शक बने हुए हैं।

इसके अलावा, उन्होंने इस्कॉन के नेता श्री चिन्मय दास की गिरफ्तारी को अवैध बताया। आरोप लगाया गया कि उनके वकील पर हमला किया गया और उनके समर्थकों को, जिनके पास भारतीय वीजा था, भारत में प्रवेश से वंचित कर दिया गया।


प्रदर्शनकारियों की मांगें

यह प्रदर्शन मार्च दोपहर 4 बजे झूलेलाल चौक (घाटकोपर) और गावदेवी मारी माता मंदिर (जुहुगांव) से शुरू हुआ और शाम 6:30 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज चौक (वाशी) पर समाप्त हुआ। इसमें धार्मिक संस्थानों, नागरिक समूहों, संतों और कीर्तनकारों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने निम्नलिखित मांगें कीं:

1. अवैध प्रवासियों को वापस भेजा जाए: भारत में रह रहे अवैध बांग्लादेशी मुसलमानों को उनके देश वापस भेजा जाए।

2. अत्याचारों पर रोक लगे: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचारों को तुरंत रोका जाए और दोषियों को सख्त सजा दी जाए।

3. सरकार का इस्तीफा: हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा में विफल मोहम्मद यूनुस की सरकार इस्तीफा दे।

4. धार्मिक स्थलों की सुरक्षा: बांग्लादेश सरकार हिंदू, जैन, बौद्ध और सिख मंदिरों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और क्षतिग्रस्त मंदिरों का पुनर्निर्माण कराए।

5. श्री चिन्मय दास की रिहाई: इस्कॉन नेता श्री चिन्मय दास को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर लगे सभी आरोप हटाए जाएं।

6. नोबेल शांति पुरस्कार की वापसी: मोहम्मद यूनुस का नोबेल शांति पुरस्कार वापस लिया जाए, क्योंकि उनके नेतृत्व में अल्पसंख्यकों पर हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं।




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