मर्यादा, परिवार और कानून: नई पीढ़ी के भटकाव और सामाजिक क्रूरता पर एक गंभीर समीक्षा
( पितृत्व दिवस (Father's Day पर बच्चों और समाज के नाम एक विशेष लेख ) हाल ही में उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में घटित केतन लाल हत्याकांड ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को किस दिशा में ले जा रहे हैं। बच्चों के सुरक्षित भविष्य, सामाजिक मर्यादा, कानून और मानवीय मूल्यों को ध्यान में रखते हुए इस पूरे मामले और सामाजिक परिदृश्य का एक विस्तृत विश्लेषण नीचे प्रस्तुत है: 1. चरित्र निर्माण में माता-पिता और परिवार की भूमिका एवं जिम्मेदारी मनोवैज्ञानिकों और सामाजिक अध्ययनों के अनुसार, बच्चों के चरित्र निर्माण और मानसिक विकास में माता-पिता तथा परिवार की भूमिका व जिम्मेदारी सबसे अधिक होती है: · प्रथम पाठशाला है परिवार: बच्चा जो कुछ भी समाज में देखता या करता है, उसकी पहली नींव घर में ही पड़ती है। माता-पिता का आपस में व्यवहार, उनका बातचीत का तरीका और नैतिक मूल्य ही बच्चों के अवचेतन मन में बैठते हैं। · · भ...